
हाथरस 05 मई । स्थानीय एक होटल में भारतीय वैश्य महासभा की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकजुटता और आगामी 9 व 10 मई को एटा में आयोजित होने वाले ‘विशाल युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ को भव्य बनाने की रणनीति तैयार की गई। बैठक को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज को अपनी अराजनैतिक शक्ति को पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देना ही समाज को सशक्त बनाएगा। जब समाज संगठित होगा, तभी हमारी आवाज और प्रभाव शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचेगा। महासभा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय ‘बंटी बाबू’ ने एटा में होने वाले कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल युवक-युवतियों के लिए वैवाहिक रिश्तों का मंच बनेगा, बल्कि इसमें समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को भी सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, सुरेश अग्रवाल, अनिल वार्ष्णेय (तेल वाले), दिनेश माहेश्वरी, योगेश वार्ष्णेय, हेमंत कुमार गुप्ता, वासुदेव वार्ष्णेय, गोविन्द, हरी राम वार्ष्णेय, विनोद कुमार मित्तल, पंकज गुप्ता, प्रभात वार्ष्णेय, शुभम वार्ष्णेय, सतीश चंद्र गुप्ता, आयुष कंसल और मोहित वार्ष्णेय उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में एटा के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

























