
हाथरस 05 मई । जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के नए ‘जिला गजेटियर’ के अद्यतन, संकलन और प्रकाशन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गजेटियर से संबंधित रिपोर्ट और ड्राफ्ट समय से उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इस दस्तावेज को और अधिक प्रामाणिक बनाने के लिए जनपद के नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।जिलाधिकारी ने कहा कि गजेटियर किसी भी जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज होता है। इसमें जिले की विरासत और विकास यात्रा का समग्र विवरण शामिल किया जाता है। इसे अधिक सटीक और व्यापक बनाने के लिए आम जनता का सहयोग अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने जनपद के इतिहासकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और मीडिया बंधुओं से आग्रह किया है कि यदि उनके पास हाथरस से संबंधित कोई ऐतिहासिक तथ्य, पुरालेख, प्राचीन दस्तावेज, साहित्यिक जानकारी, लोक परंपराएं या सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो, तो उसे प्रशासन के साथ साझा करें। इच्छुक व्यक्ति अपनी जानकारी या सूचनाएं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय (विकास भवन, हाथरस) में निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करा सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद ही उन्हें गजेटियर में आधिकारिक रूप से सम्मिलित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि यह कार्य न केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हाथरस की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने का एक बड़ा माध्यम है। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, परियोजना निदेशक, समस्त उप जिलाधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

























