
हाथरस 04 मई । स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में ‘संतुलित उर्वरक उपयोग’ अभियान के तहत एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के 28 किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र प्रभारी डॉ. एस. आर. सिंह ने मिट्टी के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के स्थान पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं, तभी खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने उर्वरकों के तकनीकी प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि खाद का असंतुलित प्रयोग न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर रहा है, बल्कि किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा रहा है। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण (Soil Testing) की रिपोर्ट के आधार पर ही पोषक तत्व प्रबंधन की सलाह दी, ताकि कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त हो सके। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खादों के विवेकपूर्ण और सटीक इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना रहा।
























