सादाबाद (सहपऊ) 21 अप्रैल । अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर कस्बे के मोहल्ला ओझियाना स्थित वरिष्ठ पत्रकार रजत उपाध्याय के पैतृक आवास पर विप्र समाज के बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों एवं प्रबुद्धजनों के सानिध्य में भगवान विष्णु के छठे अवतार, कुल शिरोमणि भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव अत्यंत गौरवमयी ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन को अन्याय के विरुद्ध साहस और धर्म की स्थापना का प्रतीक बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ विप्र कुल शिरोमणि भगवान परशुराम के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। ब्राह्मण समाज के पूर्वाध्यक्ष मुन्नालाल शर्मा, शिव कुमार शर्मा (पहलवान) एवं सुन्दर लाल सारस्वत ने आराध्य देव को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने की शपथ ली। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार रजत उपाध्याय एवं प्रवक्ता हरीश तिवारी के साथ स्वर्णकार समाज के प्रबुद्ध जन जितेन्द्र कुमार वर्मा एवं गजेन्द्र कुमार वर्मा ने विप्र समाज के संभ्रांत लोगों को तिलक लगाकर, पट्टिका एवं फूलमाला पहनाकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
प्रमुख समाजसेवी शिव नंदन शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन, जब सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होते हैं, तब प्रतापी भगवान परशुराम का प्राकट्य हुआ। उन्होंने कहा कि परशुराम जी ने शस्त्र और शास्त्र के बीच संतुलन स्थापित कर समाज में न्याय की पुनर्स्थापना की। उनका जीवन हमें धैर्य, तपस्या और अन्याय के खिलाफ अडिग रहने की प्रेरणा देता है। वरिष्ठ पत्रकार रजत उपाध्याय ने भगवान परशुराम के संकल्पों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अहंकारी सहस्रार्जुन के अत्याचारों का अंत किया और पृथ्वी को अधर्मियों से मुक्त करने की शपथ ली। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए बताया कि भगवान परशुराम चिरंजीवी हैं और कलियुग के अंत में वे भगवान विष्णु के दसवें ‘कल्कि अवतार’ के मार्गदर्शक बनेंगे। इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से हीरालाल भारद्वाज, पूर्व सभासद योगेश कुमार शर्मा (नागा जी), सचिव ब्रजकिशोर शर्मा, सुरेश चन्द्र शर्मा, यश उपाध्याय एवं दिव्यांशु उपाध्याय सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर समाज सेवा और धार्मिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।























