
हाथरस 07 अप्रैल । प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। योजना के नाम पर ₹5000 की रिश्वत लेने वाली चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनिया सिंह को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा की गई इस कार्रवाई से पालिका परिषद में हड़कंप मचा हुआ है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ब्यूरो) की ट्रैप टीम ने 1 अप्रैल को नगर पालिका परिसर में जाल बिछाकर सोनिया सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। माहेश्वरी कॉलोनी की निवासी सुमन ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने डेढ़ साल पहले आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन सोनिया सिंह (जो योजना का पटल देख रही थी) ने फाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जैसे ही सुमन ने केमिकल लगे नोट सोनिया को थमाए, टीम ने उसे दबोच लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर अधिशासी अधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पालिका के कर निर्धारण अधिकारी को पूरे मामले की विभागीय जांच सौंपी गई है। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में कुछ अन्य कर्मचारियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। एंटी करप्शन की टीम अब इन संदिग्धों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाने में लगी है। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।























