
हाथरस 18 मार्च । बेटी की शादी के लिए खरीदी गई कार के पंजीकरण में हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के गंभीर आरोप में न्यायालय के आदेश पर हाथरस पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। पीड़ित की शिकायत पर एक कार कंपनी और एचडीएफसी बैंक हाथरस के प्रबंधकों व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस पंजीकृत किया गया है।
पूरी कीमत देने के बाद भी नहीं मिला आरसी
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी बेटी की शादी में उपहार स्वरूप देने के लिए हाथरस से एक कार खरीदी थी। कार की पूरी कीमत का भुगतान करने के बावजूद उसे अभी तक पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) उपलब्ध नहीं कराया गया। पीड़ित का कहना है कि जब उसने आरसी की मांग की, तो उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा।
फर्जी तरीके से कार को ‘बंधक’ दर्शाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, कार कंपनी और एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों ने आपसी साठगांठ कर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर कार को बैंक के पास बंधक (Hypothecated) दर्शाते हुए पंजीकृत करा दिया गया, जबकि पीड़ित ने कार के लिए कोई लोन नहीं लिया था और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
धमकी और छवि धूमिल करने की शिकायत
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को उठाने पर उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं और समाज में उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया केस
न्यायालय के कड़े रुख के बाद अब थाना पुलिस ने कार कम्पनी और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के संबंधित प्रबंधकों व दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।























