समय बीत जाता है पर अपनों की यादें नहीं मिटती।
तुम भले ही आँखों से ओझल हो,
लेकिन हर पल हमारे दिलों में बसे हो।
तुम्हारी चतुर्थ पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन एवं वंदन!
शोकाकुल
मेघा वार्ष्णेय (धर्मपत्नी), वृंदा वार्ष्णेय (पुत्री), पार्थ वार्ष्णेय (पुत्र)
श्रीमती मंजुलता वार्ष्णेय–अशोक कुमार वार्ष्णेय (माता-पिता)
श्रीमती रश्मि वार्ष्णेय–स्व. श्री संजीव कुमार वार्ष्णेय (चाची–चाचा)
श्रीमती कल्पना वार्ष्णेय–स्व. श्री राजकुमार वार्ष्णेय (चाची–चाचा)
श्रीमती दीपिका वार्ष्णेय–प्रशांत वार्ष्णेय (भाभी–भैया)
प्रेरक वार्ष्णेय (भतीजा), राघव वार्ष्णेय (भतीजा)
कीर्ति वार्ष्णेय–चिराग वार्ष्णेय, चंचल वार्ष्णेय–यश वार्ष्णेय (भाई),
दिया वार्ष्णेय (बहन)
श्रीमती शिल्पी वार्ष्णेय – शैलेन्द्र वार्ष्णेय (बहन–बहनोई)
श्रीमती साधना वार्ष्णेय–श्री गोविंद भण्डारी (सास–ससुर) डिबाई
प्रतिष्ठान
रामबाबू लाल राजकुमार एण्ड कम्पनी
रामबाबूलाल राजकुमार आरआर इण्डस्ट्रीज
रंग भवन, रविकुंज, कंचन नगर, आगरा रोड, हाथरस
मो.: 9897031864, 9897031719, 9897034790, 8909431729


























