नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः।।
कुछ रिश्ते समय के साथ नहीं मिटते, कुछ लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते।
आपकी यादें हमारे दिलों में सदा जीवित हैं। पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित।
आप हमारे जीवन की वह छाया थे, जिसने हर कठिन राह को आसान बनाया।
आज भी आपके संस्कार, आपका स्नेह और आपका आशीर्वाद हमारे साथ है।
आपकी पावन स्मृतियाँ सदैव हमारे हृदय में जीवित रहेंगी। पुण्यतिथि पर
भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन।
श्रद्धानवतः
स्नेह सिंघल (पत्नी), राजकुमारी (बहन),
सौरभ अग्रवाल–उर्वशी अग्रवाल (पुत्र–पुत्रवधू),
गुंजन–रूपेश, डॉ. श्वेता–डॉ. नीरज (पुत्री–दामाद)
सूर्यांश, गौरांशी (पौत्र, पौत्री), श्रेया, अर्वित, सौम्या, सक्षम (धेवते, धेवती)
ससुराल पक्षः अनिल बंसल एवं विपिन बंसल, फिरोजाबाद
प्रतिष्ठान
मै. रामगोपाल दीपक बाबू सर्राफ
लोहट बाजार, हाथरस, फोन : 9627512000, 7500680000
























