
हाथरस 19 मई । थाना हाथरस गेट क्षेत्र के अंतर्गत लाला का नगला चौकी पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। यूनियन ने एक पीड़ित किसान के 50 ग्राम सोने के जेवर हड़पने और पैसे लौटाने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने चौकी इंचार्ज को लिखित तहरीर देकर अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। लाला का नगला चौकी पुलिस ने पीड़ित किसान और यूनियन नेताओं से लिखित तहरीर ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
खेती के लिए गिरवी रखे थे जेवर: प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला गजुभा निवासी पीड़ित किसान विजेंद्र सिंह ने बताया कि 25 जनवरी 2025 को खेती की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उसने अपने सोने के जेवर (जिसमें दो सोने की चेन और एक गले का सेट शामिल था, कुल वजन लगभग 50 ग्राम) लाला का नगला निवासी दो नामजद व्यक्तियों के पास गिरवी रखे थे। इसके बदले में उसने तीन बार में कुल 3,45,000 रुपये उधार लिए थे। पैसे लेकर भी जेवर देने से किया इनकार, दी धमकी: पीड़ित किसान का आरोप है कि बीते 15 मई 2026 को वह गांव के ही श्यामवीर, तेजवीर और अशोक को गवाह बनाकर ब्याज सहित पूरी रकम लेकर अपने जेवर छुड़ाने आरोपियों के पास गया था। लेकिन आरोपियों की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने लाखों रुपये मूल्य के सोने के जेवर वापस करने से साफ इनकार कर दिया। जब किसान ने इसका विरोध किया, तो आरोपी और उसके बेटों ने गाली-गलौज की, पीड़ित को धक्के मारकर वहां से भगा दिया और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। भाकियू (भानू) ने घेरी पुलिस चौकी, दी आंदोलन की चेतावनी: इस घटना से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (भानू) के प्रदेश महासचिव केके शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह और अनुसूचित जाति मोर्चा के अनिकेत वाल्मीकि के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पीड़ित किसान को लेकर लाला का नगला चौकी पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन के पदाधिकारियों ने चौकी इंचार्ज को तहरीर सौंपकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने के तहत केस दर्ज करने तथा किसान के जेवर बरामद कराने की मांग की। किसान नेताओं ने पुलिस को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।






















