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हाथरस 15 जुलाई। हलवाई खाना स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में विराजमान उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदमदत्त सागर जी महाराज के सान्निध्य में बुधवार को आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को धर्म, दान और सदाचार का संदेश दिया गया। प्रवचन के दौरान उपाध्याय श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने कहा कि आज मनुष्य दिन-रात धन कमाने में लगा हुआ है। धन कमाना गलत नहीं है, लेकिन धन के पीछे भागते-भागते धर्म को भूल जाना सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आता है जब मनुष्य “धन-धन” करते-करते इस संसार से विदा हो जाता है, जबकि सभी जानते हैं कि धन साथ नहीं जाता। उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ ने गृहस्थ जीवन के साथ धर्म पालन का भी संदेश दिया था। उन्होंने प्रेरणा दी थी कि अपनी आय का एक भाग धर्म, दान, मंदिर निर्माण, तीर्थ सेवा एवं मुनियों की आहार-विहार व्यवस्था जैसे पुण्य कार्यों में लगाना चाहिए। यही वास्तविक अर्थों में धन का सदुपयोग है और इसी प्रकार मनुष्य अपने धन को पुण्य में परिवर्तित कर सकता है। मुनि श्री ने कहा कि गलत तरीके से अर्जित धन कभी स्थायी सुख नहीं देता। ऐसा धन अक्सर बीमारी या अन्य विपत्तियों में समाप्त हो जाता है, जबकि ईमानदारी से कमाया गया धन यदि धार्मिक एवं परोपकारी कार्यों में लगाया जाए तो वही जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी दिनचर्या में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को 24 घंटे में कम से कम चार घंटे भगवान की भक्ति, स्वाध्याय एवं धर्म साधना के लिए अवश्य निकालने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रातःकाल जल्दी उठने की आदत मनुष्य के जीवन को अनुशासित और आध्यात्मिक बनाती है। अपने प्रवचन में उन्होंने गौसेवा का महत्व बताते हुए कहा कि गाय में करुणा, प्रेम और मातृत्व का भाव निहित है। इसलिए पहली रोटी गाय को और अंतिम रोटी कुत्ते को देने की भारतीय परंपरा जीवदया और सेवा की भावना को दर्शाती है। प्रवचन के अंत में उपाध्याय श्री ने कहा कि “दर्पण में दिखाई देने वाला मुख और संसार का सुख दोनों ही क्षणिक हैं।” इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय का सदुपयोग करते हुए धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। इससे पूर्व उपाध्याय श्री शिवदत्त सागर जी महाराज की आहारचर्या मुरसान गेट स्थित मनीष जैन रंग के यहां संपन्न हुई। आहारचर्या के लिए मंदिर से प्रस्थान के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सभासद धीरज जैन एवं बीना जैन के नेतृत्व में अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा में जैन नवयुवक सभा के अध्यक्ष उमाशंकर जैन, राकेश जैन, विशाल जैन, अमित जैन, संजीव जैन, धीरज जैन, राजेश जैन, जितेंद्र जैन, अतुल जैन, राजकुमार जैन, मनीष जैन, राजू जैन, विजय जैन, आशीष जैन, हरविंद जैन, अनिल जैन, पवन जैन, नितिन जैन, सौरभ जैन अजमेरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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