
हाथरस 15 जुलाई । हाथरस गेट थाना क्षेत्र में लूटपाट और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद अब पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। गंगा नगर कॉलोनी निवासी मोरमुकुट ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि घटना 4 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। वह विष्णुपुरी में एक दावत से लौटकर रिलायंस टावर वाली गली से अपने घर जा रहे थे। आरोप है कि गली नंबर-5, विष्णुपुरी निवासी हरेंद्र अपने छह अज्ञात साथियों के साथ वहां बैठा था।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों में से एक ने उनसे माचिस मांगी। मना करने पर एक व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और सभी आरोपियों ने एकराय होकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि मारपीट के दौरान उनकी जेब में रखे 485 रुपये जबरन लूट लिए गए। मोरमुकुट का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरेंद्र ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह रिपोर्ट दर्ज कराने थाना हाथरस गेट पहुंचे। पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण तो कराया, लेकिन प्रार्थना पत्र लेने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भी शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए न्यायालय से थाना हाथरस गेट पुलिस को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की थी। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद अब पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।








