
हाथरस 28 जुलाई। कासगंज से पीलीभीत, मैलानी, ललितपुर होते हुए एशबाग तक संचालित नई एक्सप्रेस ट्रेन का विस्तार यदि मथुरा तक कर दिया जाता है तो हाथरस सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। इस मांग को लेकर रेलवे परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्यों ने पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों को पत्र भेजकर ट्रेन का संचालन मथुरा तक किए जाने की मांग उठाई है।
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में हाथरस से पीलीभीत, मैलानी, लखीमपुर खीरी और ललितपुर की दिशा में जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यात्रियों को कासगंज अथवा अन्य स्टेशनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। यदि इस एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन मथुरा से किया जाता है तो यह हाथरस जंक्शन होकर गुजरेगी और यात्रियों को पहली बार इन महत्वपूर्ण गंतव्यों के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
रेल यात्रियों का कहना है कि हाथरस से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार, शिक्षा, धार्मिक यात्राओं और पारिवारिक कारणों से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र तथा बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों की यात्रा करते हैं। सीधी ट्रेन सुविधा मिलने से यात्रा अधिक सुगम होगी और बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी से भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मथुरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सफदर हुसैन ने बताया कि ट्रेन के विस्तार का निर्णय रेलवे बोर्ड के स्तर पर लिया जाता है। यदि रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलती है तो एशबाग एक्सप्रेस का संचालन मथुरा तक बढ़ाया जा सकता है।
रेल यात्रियों का मानना है कि हाथरस सिटी और हाथरस जंक्शन महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन होने के बावजूद कई उपयोगी ट्रेनों का लाभ यहां के यात्रियों को नहीं मिल पाता। ऐसे में एशबाग एक्सप्रेस का विस्तार मथुरा तक किए जाने से हाथरस, मथुरा और आसपास के जनपदों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।











