
हाथरस 02 नवंबर। वर्ष 2026 में दीपावली पर्व की तिथि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष दीपावली का पर्व 8 नवंबर को ही मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। डॉ. शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म के प्रसिद्ध धर्मग्रंथ धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु में स्पष्ट निर्देश है कि दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन प्रदोषकालव्यापिनी अमावस्या में किया जाना चाहिए। यदि अमावस्या तिथि दो दिनों में प्रदोषकाल को स्पर्श करे अथवा दोनों ही दिनों में प्रदोषकाल के दौरान उपलब्ध न हो, तो ऐसी स्थिति में मध्यरात्रि के निशीथकाल की व्याप्ति को भी देखा जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष में अमावस्या तिथि का प्रारंभ 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर होगा, जबकि इसका समापन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या रविवार, संवत 2083, तदनुसार 8 नवंबर 2026 को प्रदोषकाल शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। वहीं निशीथकाल रात 11 बजकर 39 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इन दोनों ही समयावधियों में अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी।
उन्होंने कहा कि 9 नवंबर को अमावस्या तिथि दोपहर में ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए उस दिन प्रदोषकाल में अमावस्या तिथि उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में शास्त्रों में निर्धारित नियमों के अनुसार 8 नवंबर की रात्रि में प्रदोषव्यापिनी अमावस्या प्राप्त होने के कारण इसी दिन दीपावली और महालक्ष्मी पूजन करना पूर्णतः शुद्ध एवं शास्त्र सम्मत है। डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने निष्कर्ष देते हुए कहा कि वर्ष 2026 में पूरे देश में दीपावली का पर्व 8 नवंबर को ही मनाया जाएगा।







