हाथरस 22 जुलाई। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कासगंज कोऑर्डिनेटर चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नेतृत्व में छात्रों के मुद्दों, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धरने से पहले उनके कैंप कार्यालय को पुलिस निगरानी में रखा गया और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया गया। धरने को संबोधित करते हुए चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा, हमारी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सत्य, संविधान और लोकतंत्र के प्रति हमारा संकल्प अटूट है। न हम झुके हैं, न झुकेंगे और न ही डरेंगे। पहरे हमारे कदम रोक सकते हैं, लेकिन हमारे विचार और संघर्ष को नहीं। धरना-स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। तख्तियों पर लोकतंत्र पर पहरा बंद करो, सच की आवाज़ को मुक्त करो, सवाल पूछना अपराध नहीं, संविधान की शान बचाओ, शिक्षा मंत्री जवाब दो तथा धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लिखे थे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, धरने से पूर्व देर रात विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) को कांग्रेस की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। धरने में कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा और संविधान की मर्यादा बनाए रखने की मांग की। इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जितेंद्र गौतम एडवोकेट, महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष वीना गुप्ता एडवोकेट, महिला जिला अध्यक्ष कृष्ण गुप्ता, शहर उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, शशि गुरु, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव पंडित अविनाश चंद्र पचौरी, अल्पसंख्यक विभाग के शहर अध्यक्ष मोहम्मद तोशीव, सतीश भाटिया, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पियूष अग्निहोत्री, अभिमेष गुप्ता सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।