लखनऊ 06 अक्टूबर। उत्तर प्रदेशीय अपराध निरोधक समिति, लखनऊ का 88वां प्रान्तीय वार्षिक अधिवेशन 5 अक्टूबर को लखनऊ स्थित समाज कल्याण विभाग के प्रेक्षागृह, भागीदारी भवन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में समाज में बढ़ते अपराधों की रोकथाम तथा अपराध नियंत्रण के लिए प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण जी, जो समिति के अध्यक्ष भी हैं, तथा उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति, लखनऊ के चेयरमैन कमलेश श्रीवास्तव जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समिति के सामाजिक सरोकारों और अपराध निरोधक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि समाज में अपराधों की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। समिति द्वारा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता बढ़ाने तथा अपराध की रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान समिति के मूल उद्देश्य “अपराध से घृणा करो, अपराधी से नहीं” को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। अपराधियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सामाजिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया। अधिवेशन में जिला अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सहभागिता की। हाथरस से समिति के सचिव ललित कुमार वार्ष्णेय, सह सचिव अमित कुमार वार्ष्णेय, प्रवीन वार्ष्णेय, संयुक्त सचिव रूपेश कौशल तथा सदस्य शिवम वार्ष्णेय और यश वार्ष्णेय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। हाथरस जिला समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में सहभागिता करते हुए अपराध नियंत्रण, सामाजिक जागरूकता और प्रशासन के साथ सहयोग को लेकर समिति के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।










