सिकन्दराराऊ 18 जून । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का आंदोलन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल आयोजित कर आंदोलनकारियों ने प्रस्तावित निजीकरण नीति के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का भी समर्थन प्राप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निजीकरण संबंधी प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों लोगों के रोजगार और आम जनता के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट डी.के. चौहान (शोला) ने की। उनके नेतृत्व में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने जी.टी. रोड पर पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पंत चौराहे पर निबंधन विभाग के निजीकरण के विरोध में प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। पुतला दहन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निबंधन विभाग का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों के रोजगार का ही नहीं बल्कि आम जनता के अधिकारों और सुविधाओं का भी विषय है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक कलमबंद हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलन का संचालन एडवोकेट वीरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर दी बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट राजेश बघेल, मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रियांशु दरगढ़, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट कुलदीप पुंधीर, सचिव एडवोकेट जितेन्द्र यादव, कातिब एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव यादव, स्टाम्प एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता एवं टाइपिस्ट उपस्थित रहे।
सभा में नरेश प्रताप, रनवीर सिंह पुंडीर, मुरारी लाल शर्मा, गोरीशंकर गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता, देवकांत कौशिक, राजकुमार जाटव एडवोकेट, रंजीत पोरुष, रामकुमार यादव, महेश चंद्र अंजना, प्रमोद बघेल, अशोक कुमार शर्मा, उमेश चन्द्र शर्मा,मुनेश शर्मा, हिमांशु शर्मा, रुपेन्द्र बघेल, जितेन्द्र सिंह, राजेश यादव, देवेंद्र बघेल, भगवान सिंह, अरशद अली, राहुल वर्मा, समीर यादव, विजय यादव, अवधेश यादव, दीपेश पाठक, गिरीश यादव, धनीराम (कातिब), केदार सिंह, राजकुमार (कातिब), बेनीराम, विश्वविजयी, देवेन्द्र सिंह, यशपाल, अमित कुमार, देवेंद्र कुमार संत टाइपिस्ट,सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता एवं टाइपिस्ट उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में घोषणा की कि जब तक सरकार निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और कलमबंद हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।






















