
हाथरस 20 अगस्त । जिलाधिकारी के निर्देशन में नगर पालिका परिषद द्वारा नगर क्षेत्र में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में 20 अगस्त 2026 को वार्ड संख्या-26, चंदपुरा कल्याण गढ़ी में रवि के घर से राशन डीलर की दुकान तक कराए जा रहे सीसी इंटरलॉकिंग एवं नाली निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मौके पर निर्माण कार्य की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही संबंधित फर्म के नाम स्वीकृत एवं आवंटित निर्माण कार्यों से जुड़ी पत्रावलियों का भी परीक्षण किया गया। अभिलेखों की जांच में सामने आया कि संबंधित फर्म द्वारा स्वीकृत कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही, शिथिलता और उदासीनता बरती जा रही है। विभागीय अभिलेखों के अनुसार कई कार्यों को पूरा करने की निर्धारित समयावधि समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद संबंधित फर्म द्वारा कार्य शुरू नहीं किए गए। बार-बार मौखिक निर्देश दिए जाने के बाद भी कार्य प्रारंभ न होने से क्षेत्रीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में वर्षाकाल होने के कारण सड़क एवं नाली निर्माण कार्य समय से पूरा नहीं होने से संबंधित क्षेत्रों में जलभराव और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे आम नागरिकों को आवागमन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद, हाथरस ने अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर संबंधित ठेकेदार फर्म मैसर्स राजहरी एंटरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई की है। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बावजूद शुरू नहीं किए गए कार्यों के संबंध में जमा धरोहर राशि जब्त कर नगर पालिका कोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिन निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन पर स्वीकृत अनुबंध राशि का 25 प्रतिशत पेनल्टी अधिरोपित की गई है। इसकी कटौती संबंधित फर्म के देयकों से की जाएगी। नगर पालिका प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार फर्म को सभी लंबित निर्माण कार्यों को एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं किए जाने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद ने स्पष्ट किया कि विकास एवं निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी ठेकेदारों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वर्षाकाल में जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।












