हाथरस 07 अक्टूबर। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशान्त तिवारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक/शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 में मतदान के दौरान मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और प्रतिरूपण की संभावना को रोकने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के समय ऐसे सभी मतदाता, जिन्हें मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें अपना वोट डालने से पहले पहचान सिद्ध करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि कोई मतदाता अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं है तो उसे अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय अथवा अन्य निजी औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र भी पहचान के वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में मान्य होंगे।
इसके साथ ही सांसदों, विधायकों एवं पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र, संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक जिस शैक्षिक संस्थान में कार्यरत हैं, उस संस्था द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड भी वैकल्पिक पहचान दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किए जा सकेंगे। प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वे मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले अपने पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। निर्वाचन आयोग की ओर से पहचान संबंधी यह व्यवस्था मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मतदाता के नाम पर मतदान करने की संभावना को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है। 23 अक्टूबर को होने वाले आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान में निर्धारित पहचान दस्तावेज के साथ पहुंचना मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा।








