सिकन्दराराऊ 05 नवंबर। दीपावली के त्योहार पर फुटपाथ और सड़क किनारे मिट्टी के दीपक, बर्तन, कैलेंडर सहित अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे गरीब दुकानदारों को हटाने पहुंची नगर पालिका की टीम को सभासदों के विरोध का सामना करना पड़ा। सभासदों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई, जिसके बाद पालिका की टीम को अपना अतिक्रमण हटाओ अभियान बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार दीपावली के त्योहार को देखते हुए नगर में कई गरीब परिवारों ने फुटपाथ के सहारे अस्थायी दुकानें लगाई हैं। इन दुकानों पर मिट्टी के दीपक, मिट्टी के बर्तन और अन्य त्योहार से संबंधित सामग्री बेची जा रही है। इसी बीच नगर पालिका की टीम जेसीबी और ट्रैक्टर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंच गई। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कुछ सभासद भी मौके पर पहुंच गए और त्योहार के समय गरीब दुकानदारों को हटाए जाने पर नाराजगी जताई।
सभासदों का कहना था कि नगर में अतिक्रमण हटाना और यातायात व्यवस्था सुचारु रखना जरूरी है, लेकिन त्योहार के समय छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने पालिका अधिकारियों से मांग की कि ऐसे दुकानदारों के लिए कोई उचित स्थान निर्धारित किया जाए, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो और गरीब परिवारों की आजीविका भी चलती रहे। वहीं, पालिका की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भी अलग-अलग राय देखने को मिली। कुछ लोगों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें लगने से आवागमन प्रभावित होता है, जबकि दुकानदारों के लिए दीपावली का त्योहार साल में कमाई का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। सभासदों के विरोध के बाद नगर पालिका की टीम वापस लौट गई। कार्रवाई रुकने से फुटपाथ पर दुकानें लगाकर सामान बेच रहे छोटे दुकानदारों ने राहत की सांस ली। अब देखना होगा कि नगर पालिका यातायात व्यवस्था बनाए रखने और गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी बचाने के बीच किस तरह संतुलन स्थापित करती है।










