मथुरा 05 नवंबर। के.डी. डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भारत डेंटल शो वुमेन्स लीग के मथुरा चैप्टर का आयोजन किया गया। ‘पेशेंट केयर विद प्रिसीजन’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित दंत चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और चिकित्सकों ने आधुनिक उपचार तकनीकों, मरीजों की बेहतर देखभाल, बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य तथा सफल डेंटल प्रैक्टिस के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और चिकित्सकीय दक्षता के समन्वय से दंत चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आयोजन अध्यक्ष डॉ. सलोनी मेहता मिस्त्री तथा आयोजन सचिव डॉ. मनाली मेहता के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम को के.डी. यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी तथा के.डी. डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर का मार्गदर्शन और संरक्षण प्राप्त हुआ। इस अवसर पर चांसलर डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नवीनतम तकनीकों तथा अनुसंधान का विशेष महत्व है। ऐसे शैक्षणिक आयोजन चिकित्सकों को अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करने के साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों से अवगत होने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना चिकित्सा संस्थानों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को अपनाना समय की आवश्यकता है। चिकित्सकों को निरंतर सीखने, नई उपचार पद्धतियों से जुड़ने और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण रखने की जरूरत है। ऐसे आयोजन चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करते हैं। कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी ने कहा कि वैज्ञानिक संवाद, शोध और विशेषज्ञों के अनुभवों का आदान-प्रदान चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजन दंत चिकित्सा के विद्यार्थियों और पेशेवर चिकित्सकों दोनों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। वैज्ञानिक सत्र में विशेषज्ञों ने दंत चिकित्सा के विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर व्याख्यान दिए। डॉ. सलोनी मिस्त्री ने डिजिटल इम्प्लांट इम्प्रेशन, डॉ. मनाली मेहता ने मैक्सिलोफेशियल रिहैबिलिटेशन की आधुनिक प्रक्रियाओं, डॉ. सुकृति सक्सेना ने डेंटल हैंडपीस के चयन, प्रो. डॉ. प्रेरणा कौशिक ने डेंटल यूनिट के कुशल प्रबंधन तथा डॉ. ज्योति शर्मा ने बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य की रोकथाम आधारित देखभाल पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में हेल्थकेयर ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विशेषज्ञ डॉ. विजय विराज ने यूनिकॉर्न डेनमार्ट की कार्यशाला के अंतर्गत ‘रोड मैप टू सक्सेसफुल डेंटल प्रैक्टिस’ विषय पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सफल डेंटल प्रैक्टिस के लिए बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ प्रभावी प्रबंधन, पेशेवर पहचान, ब्रांडिंग और मरीजों के साथ विश्वासपूर्ण संवाद भी आवश्यक हैं। इस अवसर पर 14 से 16 जनवरी, 2027 तक आयोजित होने वाली भारत डेंटल शो की वार्षिक कांग्रेस की जानकारी भी साझा की गई। इसमें देशभर के दंत चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और चिकित्सा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की सम्भावना है।
के.डी. डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने अपने आभार संदेश में कहा कि भारत डेंटल शो वुमेन्स लीग के मथुरा चैप्टर की मेजबानी करना संस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी विशेषज्ञों, अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन दंत चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के साथ ही मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिक संवाद और चिकित्सकों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान के साथ हुआ।










