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मथुरा 04 नवंबर। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मथुरा ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। अलीगढ़ स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य नेत्र रोग विशेषज्ञों के वार्षिक सम्मेलन में संस्थान की चिकित्सक डॉ. नोवोना गोस्वामी ने अपने शोधपत्र के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। सम्मेलन में उन्होंने फ्री पेपर सत्र के अंतर्गत अपना शोध प्रस्तुत किया। वहीं, संस्थान के पांच स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सकों डॉ. विष्णु, डॉ. अक्षत, डॉ. सुरभि, डॉ. इतीशा और डॉ. प्रगति ने ई-पोस्टर के माध्यम से अपने शोध कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। राज्यस्तरीय चिकित्सा सम्मेलन में डॉ. नोवोना गोस्वामी के शोध कार्य को विशेषज्ञों ने सराहा और उन्हें द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह उपलब्धि के.डी. मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में संचालित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की गुणवत्ता को रेखांकित करती है। सम्मेलन में पीजी चिकित्सकों की सहभागिता भी संस्थान में शोधपरक चिकित्सा शिक्षा को मिल रहे प्रोत्साहन का परिचायक रही। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान में शोध और नवाचार का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के अनुरूप चिकित्सकों को अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. नोवोना गोस्वामी को मिला यह सम्मान पूरे संस्थान के लिए गौरव का विषय है। संस्थान अपने चिकित्सकों और विद्यार्थियों को शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने सभी चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान में निरंतर शोध, अध्ययन और ज्ञान का आदान-प्रदान बेहतर उपचार व्यवस्था के लिए आवश्यक है। ऐसे राज्यस्तरीय सम्मेलन चिकित्सकों को अपने अनुभव साझा करने, नई तकनीकों को समझने तथा चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. नोवोना की उपलब्धि के साथ पांच पीजी चिकित्सकों की शोध प्रस्तुतियां भी सराहनीय हैं।

नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा त्रिपाठी ने कहा कि नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीक और उपचार पद्धतियों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों से जुड़ना चिकित्सकों के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। विभाग का प्रयास है कि चिकित्सक नवीनतम चिकित्सा तकनीकों और शोध निष्कर्षों से निरंतर जुड़े रहें। उन्होंने डॉ. नोवोना गोस्वामी सहित शोध प्रस्तुत करने वाले सभी पीजी चिकित्सकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि के.डी. मेडिकल कॉलेज का नेत्र रोग विभाग चिकित्सा शिक्षा, शोध और आधुनिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। राज्यस्तरीय सम्मेलन में मिली यह सफलता संस्थान के चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

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