
हाथरस 31 अक्टूबर। बकाया कर के निस्तारण में व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना-2026 को लेकर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने व्यापारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद के अधिक से अधिक पात्र व्यापारी इसका लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से अपील की कि वे शासन द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना-2026 का लाभ उठाने के लिए आगे आएं तथा निर्धारित शर्तों के अनुसार अपने बकाया कर का निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि यह योजना व्यापारियों को बकाया कर संबंधी देनदारियों से राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सभी व्यापारी योजना के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर निर्धारित अवधि में आवेदन एवं आवश्यक कार्यवाही पूरी करें। बैठक में उपायुक्त (प्रशासन), राज्य कर प्रद्युम्न कुमार गुप्ता ने योजना के प्रमुख बिंदुओं एवं प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक के बकायों पर लागू होगी। इसके अंतर्गत बकाया मूलधन की पूरी धनराशि जमा करने पर निर्धारित श्रेणियों के अनुसार ब्याज एवं अर्थदंड में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपये तक के मूल बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज एवं अर्थदंड की माफी का प्रावधान है। इसी प्रकार 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर 10 प्रतिशत ब्याज एवं 90 प्रतिशत अर्थदंड, एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाया पर 25 प्रतिशत ब्याज एवं 75 प्रतिशत अर्थदंड तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाया पर 50 प्रतिशत ब्याज एवं 50 प्रतिशत अर्थदंड में छूट दी जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित श्रेणी के अनुसार बकाया मूलधन की शत-प्रतिशत धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि योजना शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह तक प्रभावी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ लागू होगी तथा इसके अंतर्गत राज्य कर विभाग के विभिन्न अधिनियमों के तहत लंबित बकाया, ब्याज एवं अर्थदंड से संबंधित प्रकरणों को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे अपने स्तर से व्यापारियों को योजना के लाभ एवं पात्रता संबंधी शर्तों से अवगत कराएं, ताकि कोई भी पात्र व्यापारी इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना की जानकारी अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचाई जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, जिला विकास अधिकारी पीएन यादव, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाह, उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, सहायक आयुक्त राज्य कर हरिनाथ यादव एवं सचिन कुमार, राज्य कर अधिकारी नीरज कुमार, आशीष यादव, सुरेंद्र कुमार वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। व्यापारिक संगठनों की ओर से सुरेश चंद्र अग्रवाल, देवेंद्र मोहता, नितिन अग्रवाल, बांके बिहारी, प्रदीप बंसल, शरद अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।










