मथुरा 24 अक्टूबर। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में उत्साह और उमंग के बीच दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. पुनीत आहूजा, डीन, डीजे डेंटल कॉलेज, मोदीनगर, विशिष्ट अतिथि डॉ. शालू राय, एनडीसी की सलाहकार सदस्य एवं डीन, जीडीसी, अगरतला (त्रिपुरा), केडी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी तथा केडी डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने बीडीएस और एमडीएस के कुल 169 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान कीं। डिग्रियां हासिल करते ही भावी दंत चिकित्सकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। समारोह का शुभारम्भ मां सरस्वती की वंदना तथा अतिथियों द्वारा विद्या की आराध्य देवी के पूजन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. पुनीत आहूजा ने भावी दंत चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे निःस्वार्थ सेवाभाव के साथ राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव को सहजता से स्वीकार करना चाहिए। चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता के लिए समय प्रबंधन, अनुशासन और समर्पण बेहद जरूरी हैं। उन्होंने युवा दंत चिकित्सकों को नैतिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि डॉ. शालू राय ने कहा कि भारतीय दंत चिकित्सा ने विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। भावी दंत चिकित्सकों को अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग बिना किसी भेदभाव के पूरी मानवता की सेवा के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सेवाभाव से काम करने वाले लोगों को जीवन में सफलता अवश्य मिलती है। दंत चिकित्सा एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली पेशा है, जिसमें निरंतर सीखते रहना और स्वयं को नई तकनीकों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। डिग्री प्राप्त करने के साथ ही उनके जीवन में जिम्मेदारियों का एक नया अध्याय शुरू होता है। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। केडी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने कहा कि भावी दंत चिकित्सकों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग जरूरतमंदों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे व्यावसायिक सफलता के साथ ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दें। मरीजों के प्रति विश्वास, सम्मान और समर्पण बनाए रखते हुए निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में चिकित्सकों के लिए नवीनतम तकनीकों, शोध और उपचार पद्धतियों से लगातार अपडेट रहना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का विस्तार करते रहने तथा मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में वास्तविक सफलता तभी सार्थक है, जब उसके माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा की जाए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सेवाभाव को जीवन का मूलमंत्र बनाने की सलाह दी।
इससे पूर्व केडी डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने अतिथियों का स्वागत किया तथा नवस्नातक दंत चिकित्सकों को सेवाभाव और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह में कुल 169 यूजी एवं पीजी छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें एमडीएस सत्र 2020-21 के सात, एमडीएस सत्र 2021-22 का एक तथा बीडीएस सत्र 2019, 2020 और 2021 के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। समारोह में केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, राजीव इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्या डॉ. नंदिता ढींगरा, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. विक्रम शर्मा, डॉ. अम्बरीश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह की सफलता में संस्थान के विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों डॉ. विनय मोहन, डॉ. हस्ती कांकरिया, डॉ. सोनल, डॉ. अजय नागपाल, डॉ. उमेश, डॉ. अतुल, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सिसौदिया, डॉ. अनुज गौड़, डॉ. जूही, डॉ. विवेक, डॉ. मनीष भल्ला, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. राजीव, डॉ. शुभम शर्मा, डॉ. सतेन्द्र, डॉ. श्रेय तथा प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।






