
हाथरस 22 अक्टूबर। आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश के अमर शहीदों को नमन किया। उन्होंने सभी देशवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए नेताजी के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद की अंतरिम सरकार की स्थापना की ऐतिहासिक घोषणा की थी। आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी यानी आईएनए) ने भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेताजी के ओजस्वी नारों ‘दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ ने देशवासियों और युवाओं में स्वतंत्रता के प्रति जोश और समर्पण की भावना जगाई।
उन्होंने कहा कि नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया। वर्ष 1943 में रानी झांसी रेजिमेंट का गठन कर उन्होंने महिलाओं को सैन्य भूमिका में आगे आने का अवसर दिया। यह पहल उस दौर में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम थी। डॉ. शर्मा ने बताया कि आजाद हिंद की अंतरिम सरकार को जापान, जर्मनी और इटली सहित कई देशों ने मान्यता दी थी। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन देशप्रेम, साहस और त्याग की प्रेरणा देता है। स्वतंत्रता के लिए उनके योगदान और आजाद हिंद फौज के सैनिकों के बलिदान को सदैव याद रखा जाना चाहिए। अंत में डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को शत-शत नमन करते हुए ‘जय हिंद’ का संदेश दिया।





