
हाथरस 22 अक्टूबर । जनपद में संचालित पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन और जल जीवन मिशन के फेज-2 एवं फेज-3 के अंतर्गत निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वपूर्ण योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा हाइड्रो टेस्टिंग के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को दर्ज कर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि टेस्टिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई जाए और कार्य पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
डीएम ने उन ट्यूबवेलों पर विद्युत कनेक्शन का कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए, जहां धनराशि जमा होने के बावजूद कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता, विद्युत को ऐसे स्थलों का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही कार्यदायी संस्थाओं से ब्लॉकवार लंबित और अवशेष कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरे कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने जिन स्थानों पर भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्ययोजना के सापेक्ष कराए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने और नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ओवरहेड टैंक निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने शेष निर्माण कार्य जल्द और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने को कहा। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने और योजनाओं के तहत पाइपलाइन आदि बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) ने बताया कि जनपद में पूर्व से निर्मित 39 पेयजल योजनाओं के अंतर्गत आने वाले 47 राजस्व ग्रामों में अनुरक्षण, संचालन और रखरखाव के लिए शासन द्वारा नामित फर्म मेसर्स प्रवीण इलेक्ट्रिकल्स को 10 वर्षों के लिए अनुबंधित किया गया है।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के फेज-2 के तहत शासन द्वारा नामित फर्म मेसर्स आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 28 पेयजल योजनाओं का पुनर्गठन कराया जा रहा है। इन योजनाओं के अंतर्गत 102 राजस्व ग्राम शामिल हैं। वहीं, फेज-3 के अंतर्गत नामित फर्म मेसर्स बीजीसीसीपीएल रामकी (जेवी), दिल्ली द्वारा 252 पेयजल योजनाओं के तहत 496 राजस्व ग्रामों में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि चार स्थानों पर बोरिंग के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की निगरानी करने और सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रभारी तथा संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।





