
हाथरस 16 अक्टूबर । कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला पोषण समिति, जिला निगरानी समिति तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार का समय से वितरण सुनिश्चित करने, हॉट कुक्ड मील की गुणवत्ता की जांच कराने और सभी केंद्रों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के वजन और लंबाई की नियमित माप कराई जाए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं का वजन भी नियमित रूप से मापकर संबंधित पोर्टल पर सूचनाओं की समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि लाभार्थियों के पोषण स्तर की प्रभावी निगरानी की जा सके।
पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचे पुष्टाहार
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुष्टाहार गोदामों से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार की आपूर्ति समय से सुनिश्चित की जाए। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र लाभार्थियों को पुष्टाहार का वितरण कराया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए लाभार्थियों को पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण और एनीमिया से बचाव के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों का समुचित विकास सुनिश्चित करने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
हॉट कुक्ड मील की गुणवत्ता की होगी जांच
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जा रहे हॉट कुक्ड मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने भोजन की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के अंतर्गत किए गए वितरण की माहवार रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने को भी कहा, ताकि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा सके और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किया जा सके। इसके अलावा पोषण ट्रैकर एप पर सभी आवश्यक सूचनाओं की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पोषण संबंधी योजनाओं की नियमित निगरानी रखने तथा सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने के लिए भी निर्देशित किया।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को आपसी समन्वय स्थापित कर सभी केंद्रों पर पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की सुविधा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक पाइपलाइन से आच्छादित आंगनबाड़ी केंद्रों तथा ऐसे केंद्रों, जहां अभी तक पाइपलाइन से पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, की अलग-अलग सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। इससे शेष केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सुपरवाइजर एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।








