हाथरस 08 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने हाथरस में विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस की ओर से देशभर में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। हाथरस में विरोध मार्च की शुरुआत मोहन गंज स्थित कांग्रेस के कैंप कार्यालय से हुई। मार्च घंटाघर होते हुए कोतवाली चौराहे पर पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। विरोध मार्च का नेतृत्व जिला प्रवक्ता डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। इस दौरान शहर अध्यक्ष योगेश कुमार ओके, पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव शर्मा, अवधेश बख्शी, अजीत गोस्वामी, ऋषि कुमार कौशिक, संजीव अंधीवाल, अशोक गुप्ता, प्रभा शंकर शर्मा, देवेंद्र शर्मा, कपिल सिंह, श्री कृष्ण एडवोकेट, प्रदीप तेनुगेरिया, रामनाथ सिंह जाटव एवं डॉ. प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। शहर अध्यक्ष योगेश कुमार ओके ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट का सम्मान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मतदाताओं के वोट से जुड़े सवालों का जवाब देना और किसी भी तरह के संदेह को दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता के मताधिकार के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवधेश बख्शी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट का सम्मान सर्वोपरि है। वोट की पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मताधिकार के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जिला प्रवक्ता डॉ. मुकेश चंद्रा ने कहा कि वोट से जुड़े आरोपों और चुनावी पारदर्शिता के सवालों को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। देशभर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी सूचियों की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के समावेशन के उद्देश्य से बताया गया है, जबकि विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।









