
हाथरस 05 अक्टूबर। प्रसिद्ध 115वें राजकीय दाऊजी महाराज मेले के अंतर्गत आयोजित होने वाले बहुचर्चित ‘संगीत सम्मेलन’ में मशहूर हरियाणवी डांसर व गायिका सपना चौधरी के प्रस्तावित कार्यक्रम पर प्रशासनिक स्तर पर रोक लगा दिए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। अनुमति रद्द होने से निराश कार्यक्रम आयोजकों ने अब जिला प्रशासन से मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि वे सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की सभी सख्त शर्तों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
8 लाख की अग्रिम राशि फंसी, आयोजकों के सामने खड़ा हुआ आर्थिक संकट संगीत सम्मेलन के संयोजक जय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सपना चौधरी के कार्यक्रम की बुकिंग करीब 15 दिन पहले ही पूरी कर ली गई थी, जिसके तहत ₹8 लाख की अग्रिम (एडवांस) धनराशि भी दी जा चुकी है। अब कार्यक्रम से ठीक दो दिन पहले अनुमति न मिलने से आयोजकों के सामने भारी वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। कार्यक्रम रद्द होने की स्थिति में यह अग्रिम राशि वापस मिलना लगभग असंभव है, जिससे आयोजकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
सांस्कृतिक गरिमा और जनभावनाओं का हवाला कार्यक्रम के अध्यक्ष मुनेश पाल बघेल ने कहा कि हाथरस के ऐतिहासिक दाऊजी मेले की अपनी एक विशिष्ट सांस्कृतिक गरिमा और परंपरा रही है। इससे पूर्व भी मेले में देश के बड़े और नामचीन कलाकारों के कार्यक्रम पूरी भव्यता एवं शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपना चौधरी के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय जनता और युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। आयोजकों ने साफ किया कि वे जिला प्रशासन के साथ किसी भी प्रकार का टकराव नहीं चाहते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि जनभावनाओं, मेले की साख और आयोजकों के भारी आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक रुख अपनाया जाए तथा आवश्यक सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की शर्तों के साथ कार्यक्रम के संचालन की अनुमति प्रदान की जाए।







