Hamara Hathras

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हाथरस 05 अक्टूबर। फरीदाबाद की क्राइम ब्रांच (सेक्टर-30) द्वारा बल्लभगढ़ की घनी आबादी वाली मुकेश कॉलोनी में मारे गए छापे के दौरान बरामद 2.5 टन (2,496 किलोग्राम) से अधिक अवैध विस्फोटक रसायन मामले में हाथरस का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। गिरफ्तार आरोपी पुनीत ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि वह यह जानलेवा विस्फोटक सामग्री हाथरस शहर की फर्मों से ही खरीदकर लाया था। इस खुलासे के बाद फरीदाबाद पुलिस की टीम हाथरस में आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी की तैयारी में जुट गई है। मंडी क्षेत्र के व्यापारी का बयान और रिमांड में बड़े खुलासे पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड पर लिए गए आरोपी पुनीत (जिसकी बल्लभगढ़ मंडी क्षेत्र में किराने की दुकान है) से तीन दिनों की पूछताछ में हाथरस शहर की दो प्रमुख फर्मों के नाम उजागर हुए हैं। फरीदाबाद पुलिस ने रिहायशी इलाके के एक मकान से 2,296 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट और 200 किलोग्राम गंधक (सल्फर) का अवैध जखीरा बरामद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाथरस में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री किस लाइसेंसधारक या गैर-कानूनी नेटवर्क के जरिए बेची गई थी। सीओ सदर का वक्तव्य मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सदर हिमांशु माथुर ने बताया, “मामले की विस्तृत जानकारी की जा रही है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि फरीदाबाद पुलिस हाथरस में दबिश देने या जांच के सिलसिले में आती है, तो स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्ण सहयोग कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।” विस्फोट मामलों में पहले भी उछल चुका है हाथरस का नाम अवैध रसायनों व विस्फोटक सप्लाई चेन के मामले में हाथरस का नाम सामने आने की यह पहली घटना नहीं है:

  • 27 अगस्त 2023: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट (9 मौतों) में भी इस्तेमाल हुआ विस्फोटक रसायन हाथरस से सप्लाई किया गया था।

  • 14 मई 2026: मध्य प्रदेश के देवास स्थित पटाखा फैक्ट्री विस्फोट (5 मौतों) की एसआईटी जांच में सामने आया था कि वहां इस्तेमाल हुआ पोटैशियम नाइट्रेट हाथरस से ही भेजा गया था, जिसकी जांच हेतु देवास एसआईटी ने हाथरस में डेरा डाला था।

स्थानीय सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र पर उठे गंभीर सवाल बार-बार देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए धमाकों के तार हाथरस से जुड़ने के कारण स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और बाजारों में पोटैशियम नाइट्रेट व गंधक जैसे प्रतिबंधित रसायनों का बेखौफ अवैध व्यापार और भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। आगामी त्योहारों को देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन व पुलिस पर इस अवैध नेटवर्क पर नकेल कसने का भारी दबाव है।

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