
नई दिल्ली/हाथरस 29 सितम्बर। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेता अशोक सिंघल की 100वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भव्य जन्मशताब्दी समारोह आयोजित किया गया। समारोह में देशभर से संत, विद्वान, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अशोक सिंघल के सार्वजनिक जीवन, उनके त्याग और सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सिंघल ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को समर्पित किया और उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले एवं विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतों और विद्वानों ने सहभागिता की। समारोह में हाथरस के प्रकांड विद्वान आचार्य उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने भी विशेष रूप से उपस्थित होकर अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में आचार्य उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने अशोक सिंघल के जीवन और उनके कार्यों को स्मरण करते हुए कहा, “अशोक सिंघल जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि हिंदू चेतना के युगपुरुष थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राम काज और राष्ट्र जागरण के लिए समर्पित कर दिया। उनका दिव्य संकल्प और जीवनदर्शन हम सभी के लिए युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत रहेगा।” कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अशोक सिंघल के जीवन, उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों तथा राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया। समारोह में उनके विचारों, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पर चर्चा हुई। जन्मशताब्दी समारोह के माध्यम से उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्मरण करते हुए उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। भारत मंडपम में आयोजित इस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। हाथरस के आचार्य उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी की सहभागिता ने जिले को भी इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से जोड़ा।








