अलीगढ़ 29 सितम्बर। मंगलायतन विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट द्वारा डिस्फेजिया मैनेजमेंट इन स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन एंड अपर लिम्ब असेसमेंट विषय पर तीन दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। वर्कशॉप के प्रथम और द्वितीय दिवस में विद्यार्थियों को स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन, निगलने संबंधी समस्या के प्रबंधन तथा अपर लिंब की क्लिनिकल जांच से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलसचिव कमांडर मनोज के. व डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा ने किया। प्रथम दिवस का विषय डिस्फेजिया मैनेजमेंट इन स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन रहा। मुख्य वक्ता प्रो. डी. थियागराजन ने स्ट्रोक के बाद होने वाली डिस्फेजिया संबंधी समस्याओं के आकलन एवं प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं एविडेंस बेस्ड अप्रोच से विषय को समझाया गया। द्वितीय दिवस पर प्रैक्टिकल अप्रोच टू एल्बो असेसमेंट एंड डिफरेंशियल डायग्नोसिस विषय पर प्रशिक्षण हुआ। मुख्य वक्ता डा. राहुल शर्मा ने विद्यार्थियों को एल्बो असेसमेंट, संभावित समस्याओं की पहचान और डिफरेंशियल डायग्नोसिस की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाई। हैंड्स-ऑन अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों ने क्लिनिकल असेसमेंट की बारीकियों को समझा। वर्कशॉप का उद्देश्य विद्यार्थियों में बेहतर क्लिनिकल रीजनिंग, व्यावहारिक कौशल और साक्ष्य आधारित उपचार दृष्टिकोण विकसित करना है। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. कौशलेंद्र कुमार के नेतृत्व में चल रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डा. दिव्या पांडेय एवं डा. सत्यम गौड़ रहे। इस अवसर पर संकाय सदस्य व विद्यार्थी उपस्थित रहे।