







अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) महावीर सिंह छौंकर ने कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच नवाचार और शोध की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की समझ विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने KAPILA कार्यक्रम को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. एम. पी. सिंह ने KAPILA कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पेटेंट सहित विभिन्न बौद्धिक संपदा संरक्षण के माध्यमों की जानकारी देते हुए नवीन कार्यों को विधिक रूप से संरक्षित कराने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कपिला समिति के सदस्य डॉ. विशाल कुमार, डॉ. विनीत सिंह एवं डॉ. रूपेन्द्र राजपूत उपस्थित रहे। विज्ञान संकाय से जन्तु विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. महेश चंद्र, डॉ. जी. सिंह तथा गणित विभाग के प्रभारी डॉ. ए के शर्मा सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नवीन विचारों, शोध एवं रचनात्मक कार्यों को पेटेंट, कॉपीराइट और अन्य वैधानिक माध्यमों से संरक्षित करने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि IPR की जानकारी विद्यार्थियों को अपने शोध और नवाचार को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उसे उचित दिशा में आगे बढ़ाने में भी मदद करती है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नवाचार एवं अनुसंधान की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।
Ayog Deepak is an Indian journalist and businessperson who is the chairman and Editor-in-chief of Hamara Hathras News.
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