मथुरा 25 सितम्बर। के.डी. डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मथुरा की प्रतिभाशाली चिकित्सक डॉ. अदिति हुड्डा ने अकादमिक एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। डॉ. अदिति ने एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के लखनऊ में हुए 10वें यूपी स्टेट चैप्टर सम्मेलन में पेपर प्रेजेंटेशन में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। डॉ. अदिति हुड्डा वर्तमान में के.डी. डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में एमडीएस प्रथम वर्ष की रेजिडेंट हैं। उन्होंने सम्मेलन में “बियॉन्ड द नीडल: इवैल्यूएटिंग द क्लीनिकल एफिकेसी, पेशेंट परसेप्शन एंड डिलीवरी डायनेमिक्स ऑफ नीडल-फ्री एनेस्थीसिया” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। उनके शोधपत्र में नीडल-फ्री एनेस्थीसिया की चिकित्सकीय प्रभावशीलता, मरीजों की धारणा तथा इसके उपयोग की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन प्रस्तुत किया गया। पेपर प्रेजेंटेशन में प्रथम पुरस्कार मिलना डॉ. अदिति की शोध क्षमता और अकादमिक प्रतिभा को रेखांकित करता है।
डॉ. अदिति की इस उपलब्धि में के.डी. यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, के.डी. डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. हस्ती कांकड़िया तथा रीडर डॉ. श्रेय श्रीवास्तव का मार्गदर्शन एवं सहयोग महत्वपूर्ण रहा। के.डी. यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने डॉ. अदिति हुड्डा को बधाई देते हुए कहा कि शोध एवं नवाचार चिकित्सा शिक्षा की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों की ऐसी उपलब्धियां संस्थान की अकादमिक उत्कृष्टता को और मजबूत करती हैं। उन्होंने डॉ. अदिति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने भी डॉ. अदिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा चिकित्सकों की शोधपरक उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी अकादमिक एवं क्लीनिकल रिसर्च के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. अदिति भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और शोध क्षमता से चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देंगी। डॉ. अदिति की इस सफलता पर संस्थान के शिक्षकों एवं विभागीय सहयोगियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल अकादमिक एवं चिकित्सकीय भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि के.डी. डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मथुरा में शिक्षा, नवाचार और क्लीनिकल रिसर्च के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।









