
हाथरस 20 सितम्बर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस लाइंस परिसर में अत्याधुनिक साइबर थाना तैयार किया जा रहा है। करीब 383.19 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस साइबर थाने का निर्माण अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नया थाना साइबर अपराधों की जांच के साथ-साथ तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जी-प्लस-वन संरचना वाले दो मंजिला भवन में साइबर अपराधों की जांच के लिए आधुनिक डिजिटल जांच सॉफ्टवेयर, फॉरेंसिक उपकरण और सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित की जाएगी। भवन का फ्रंट 3-डी एलिवेशन के आधार पर तैयार किया गया है और इसका डिजाइन आधुनिक वास्तुशैली के अनुरूप रखा गया है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अभियंता अरुण कुमार ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही है।
नए साइबर थाने में विशेष साइबर लैब भी स्थापित की जाएगी, जहां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण, डेटा रिकवरी और मोबाइल फोन व लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा सकेगी। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और आईपी आधारित तकनीकी जांच के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध होंगे। अधिकारियों के बीच सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिए सुरक्षित नेटवर्क की व्यवस्था भी की जाएगी। भवन में साइबर लैब के साथ हवालात, सर्विलांस एवं कंट्रोल रूम, शिकायतकर्ताओं और आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय, क्षेत्राधिकारी साइबर कार्यालय तथा प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि यह भवन केवल एक थाना नहीं होगा, बल्कि साइबर अपराधों की तकनीकी जांच के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेगा। आंकड़ों के अनुसार जिले में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव रहा है। वर्ष 2022 में 18, वर्ष 2023 में 24, वर्ष 2024 में 21, वर्ष 2025 में 56 और वर्ष 2026 में अब तक 29 मामले सामने आए हैं। ऐसे में नए साइबर थाने और अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं के जरिए साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।






