
हाथरस 18 सितम्बर। कृषि निर्यात नीति-2019 के अंतर्गत जिला क्लस्टर सुविधा इकाई की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उप निदेशक कृषि सतेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं सुरक्षा मनोज कुमार तोमर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय सिंह यादव, सहायक निदेशक मत्स्य गिरीश चंद्र सहित जनपद के विभिन्न एफपीओ, एफपीसी और निर्यातकों ने प्रतिभाग किया। ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक एवं सदस्य सचिव जनपदीय निर्यात समिति डॉ. नीलिमा सिंह ने कृषि निर्यात नीति एवं भौगोलिक उपदर्शन (जीआई टैग) के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हाथरस से धान, आलू, हरी सब्जियां, अमरूद तथा पशु एवं डेयरी उत्पादों को निर्यात के लिए चिन्हित किया गया है। एफपीओ एवं एफपीसी द्वारा एक विकासखंड में कम से कम 50 हेक्टेयर भूमि का क्लस्टर बनाकर किसानों की कृषि उपज एवं उत्पादों का निर्यात किया जा सकता है, जिसके लिए किसानों, एफपीओ, एफपीसी, निर्यातकों एवं प्रसंस्करणकर्ताओं को सरकार की ओर से विभिन्न प्रोत्साहन एवं अनुदान दिए जाते हैं।
बैठक में बताया गया कि जनपद में आलू के एक क्लस्टर के लिए मैसर्स सादाबाद ट्रेड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मई सादाबाद, हाथरस द्वारा आवेदन किया जा रहा है। डॉ. नीलिमा सिंह ने जीआई टैग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हाथरस से हींग के जीआई टैग के 32 पंजीकृत अधिकृत उपयोगकर्ता हैं, जबकि गुलाब जल, गुलकंद और गुलाबरूह के जीआई टैग के लिए कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा बासमती चावल के 80 अधिकृत उपयोगकर्ता बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जीआई टैग अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ट्रेडमार्क के रूप में मान्य है, जिससे उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ ही जीआई उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर भी अंकुश लगता है और अधिकृत उपयोगकर्ताओं को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है।
एपीडा वाराणसी के वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने कृषि निर्यात की संभावनाओं, निर्यातोन्मुखी उत्पादों, एपीडा के माध्यम से निर्यात, हॉर्टिनेट पंजीकरण, आईईसी एवं आरसीएमसी, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानक, पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी प्रमाण-पत्र सहित कृषि उत्पादों के निर्यात से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने जनपद से आलू एवं बासमती धान के क्लस्टर विकसित कर कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने तथा हाथरस के जीआई उत्पाद बासमती चावल के अधिक से अधिक अधिकृत उपयोगकर्ता बनाए जाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।








