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सिकन्दराराऊ (हसायन) 12सितम्बर। हाथरस जंक्शन क्षेत्र के जलेसर सासनी मार्ग स्थित गांव महौं खास के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सी.एच.सी. पर तैनात एक स्वास्थ्य कर्मचारी के द्वारा एक अप्रशिक्षित स्तर के झोलाछाप चिकित्सक से महीनेदारी के रूप में रूपए मांगने का आरोप लगा है।उक्त प्रकरण को लेकर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर मुरसान क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के पर्सनल फेसबुक एकाउंट से एक मोबाइल दूरभाष फोन बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है।इसमें सीएचसी का कर्मचारी एक झोलाछाप को महीनेदारी देने के लिए धमका रहा है।जवाब में झोलाछाप कह रहा है कि वह पिछले महीने ही ‘साहब’ से मिलकर आया है और सात हजार रुपये दिए हैं।ऑडियो में सीएचसी का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फोन करता है और कथित झोलाछाप से कहता है कि वह महौं अस्पताल से बात कर रहा है।इसके बाद वह पूछता है कि झोलाछाप कितनी देर में अस्पताल आ रहे हैं।झोलाछाप आने से साफ इन्कार कर देता है। इस पर कर्मचारी कहता है कि ‘बॉस’ से बात कर लो।स्वास्थ्य कर्मचारी के पीछे से ‘बॉस’ की आवाज आती है कि उससे कह दो एफआईआर करने जा रहे हैं। झोलाछाप जवाब देता है कि अब क्यों एफआईआर करने जा रहे हैं, वह अभी तो डॉक्टर से मिलकर आया था।कर्मचारी कहता है कि डॉक्टर साहब के पास शिकायत रखी है।झोलाछाप कहता है कि रोज शिकायतें हो रही हैं, अब किसने शिकायत कर दी। इस बात पर दोनों के बीच बहस होती है, पर स्वास्थ्य कर्मचारी शिकायतकर्ता का नाम नहीं बताता। झोलाछाप फिर दोहराता है कि उसी के सामने वह डॉक्टर से मिलकर सात हजार रुपये देकर आया था। उसने बच्चों की बीमारी का भी हवाला दिया।इस बात को एक महीना भी नहीं हुआ था। कर्मचारी कहता है कि उसे नहीं पता, डॉक्टर बुला रहे हैं। झोलाछाप के मना करने पर पीछे से आवाज आती है ‘ठीक है’ और फिर कर्मचारी भी ‘ठीक है-ठीक है’ बोलकर फोन रख देता है।इस मामले में शीर्ष अधिकारियों पर भी शक की सुई घूम रही है।कुछ महीने पहले ही डिप्टी सीएमओ डॉ.एमआई आलम से डीआईओ का पदभार हटाकर एसीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता को दिया गया था। इसके बाद नोडल अधिकारी ने सभी सीएचसी प्रभारियों को झोलाछाप पर कार्रवाई व एफआईआर का अधिकार दे दिया था।सीएमओ के नेतृत्व में एक महीने पहले झोलाछाप चिकित्सकों के यहां ब्लॉकवार छापे पड़े थे।क्लीनिक भी सील हुए थे,लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।अब इस ऑडियो से आशंका है कि इन्हीं अधिकारी का लाभ उठाते हुए ब्लॉक स्तर पर झोलाछाप स्तर के अप्रशिक्षित चिकित्सकों से बसूली प्रारंभ हो गई है।संदेह के घेरे में अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अप्रशिक्षित स्तर के झोलाछाप चिकित्सक हर ब्लॉक में हैं।ऐसे में अन्य सीएचसी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। चर्चा है कि नोटिस देकर कार्रवाई करने के बजाय झोलाछाप डॉक्टरों से नियमित अवैध वसूली कर उन्हें बेखौफ दुकानें चलाने की छूट दी जा रही है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साहब सिंह से जानकारी लेने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना जरूरी नहीं समझा।

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