मथुरा 12 सितम्बर। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, मथुरा के एमसीए विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण एवं रोजगार विभाग द्वारा एपस्क्वाड्ज सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा सेक्टर-90 का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक प्रतिष्ठित सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनी के वास्तविक कार्य वातावरण से परिचित कराना तथा कक्षा में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना था। नोएडा पहुंचने पर विद्यार्थियों का स्वागत कम्पनी के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर विकास जीवनचक्र के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। छात्र-छात्राओं ने परियोजना नियोजन, प्रोग्रामिंग एवं कोडिंग, गुणवत्ता परीक्षण, त्रुटि पहचान एवं समाधान तथा सॉफ्टवेयर के उपयोग का व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया। कम्पनी के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में उपयोग में लाई जा रही विभिन्न तकनीकों, सॉफ्टवेयर उपकरणों एवं विकास प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वास्तविक परियोजनाओं में सॉफ्टवेयर विकास की विभिन्न टीमें किस प्रकार आपसी समन्वय के साथ कार्य करती हैं तथा किसी परियोजना को प्रारम्भिक योजना से अंतिम रूप देने तक किन-किन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
एमसीए विद्यार्थियों को कम्पनी के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स एवं तकनीकी विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर भी मिला। विद्यार्थियों ने उनसे उनके दैनिक कार्यों, परियोजनाओं पर कार्य करने की प्रक्रिया, कार्य संस्कृति, तकनीकी चुनौतियों तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का समाधान करते हुए उद्योग में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल के बारे में विस्तार से बताया। एपस्क्वाड्ज सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में कुशल सॉफ्टवेयर पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे प्रोग्रामिंग की मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करने के साथ-साथ व्यावहारिक परियोजनाओं पर नियमित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि आपके पास अपने कार्यों एवं परियोजनाओं का एक मजबूत व्यावहारिक संग्रह होना चाहिए, ताकि तकनीकी क्षमता को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया जा सके।
कम्पनी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों के साथ निरंतर स्वयं को अपडेट रखने, समस्या समाधान क्षमता, टीम भावना, रचनात्मक सोच एवं अनुकूलन क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए निरंतर सीखते रहना और नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना आवश्यक है। शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर विकास, परियोजना प्रबंधन, गुणवत्ता परीक्षण, तकनीकी सहयोग, आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग में उपलब्ध करियर अवसरों की वास्तविक जानकारी मिली। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि कम्पनी के विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद और वास्तविक सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया को समझने से उनके तकनीकी ज्ञान एवं आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। आरएटीएम के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि एमसीए विद्यार्थियों के लिए वास्तविक सॉफ्टवेयर कम्पनियों में जाकर विकास प्रक्रिया, तकनीकी वातावरण एवं कार्य संस्कृति को समझना उनके भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी है। संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक तकनीकी युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं, आधुनिक तकनीकों एवं कार्यप्रणाली से परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरएटीएम का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।










