सिकन्दराराऊ (हसायन) 10 सितम्बर । कोतवाली क्षेत्र के एक मार्ग स्थित एक ग्राम पंचायत की सरकारी कोठी पर पशु लेने के लिए जाने के दौरान गांव के ही दो नामजदों युवकों के द्वारा गलत तरीके से अशोभनीय हरकत करने का प्रयास किया।घटना के संबंध में पीडित बच्चे ने कोतवाली में लिखित तहरीर देते हुए शिकायत की गई थी।घटना दो सितम्बर की बताई जा रही है।पीड़ित बच्चे की मां की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजदो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए एक नामजद युवक के खिलाफ शांति भंग के तहत कार्रवाई कर चालान कर दिया।पीड़ित बच्चे की माॅ ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचकर संबंधित नामजद के खिलाफ संबधित धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज नही किए जाने की शिकायत की।पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पीड़ित बच्चे की माॅ के द्वारा पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पीड़ित बच्चे की मॉ को इंतजार कराया गया।एक गांव निवासी पीड़ित बच्चे की माॅ ने कोतवाली में लिखित तहरीर देते हुए अवगत कराया था कि दो सितम्बर लगभग दोपहर दो बजकर तीस मिनट 2:30बजे प्रार्थिया का दस वर्षीय बेटा अपने गांव से बाहर सरकारी कोठी से भैंस लेने के लिए गया।तभी उसी समय गांव के ही दो नामजद युवको ने सरकारी कोठी पर बेटे के साथ गन्दी गन्दी अशोभनीय हरकते करने की कोशिश की।तभी प्रार्थिया का बेटा उन दोनो नामजदों से बचकर घर भाग आया।उसने पूरी घटना अपने घर वालों को बताई।जब प्रार्थिया व प्रार्थिया का पति नामजद युवक के घर पर गए।तो नामजद के परिजन घर वालों ने गन्दी गन्दी गालियां दी।पुलिस ने पीडित बच्चे की मॉ की लिखित तहरीर के आधार पर एक नामजद युवक को गिरफ्तार कर शांति भंग के तहत कार्रवाई कर चालान कर दिया गया था।पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीडित बच्चे की मॉ ने कोतवाली पुलिस के द्वारा एक नामजद के खिलाफ मुकद्दमा पंजीकृत करने के बजाए शांति भंग के तहत युवक के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर शिकायत की है।इस संबंध में कोतवाली के कार्य वाहक प्रभारी निरीक्षक वरिष्ठ उपनिरीक्षक एस.एस.आई प्रवेश कुमार ने बताया कि पीडित बच्चे की मॉ की शिकायत के आधार पर एक नामजद के खिलाफ शांति भंग के तहत कार्रवाई की गई थी।पीडित बच्चे के मॉ के द्वारा की गई लिखित तहरीर व शिकायत के आधार पर पीडित बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है।