
हाथरस 05 सितम्बर। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 2021 के एक पॉक्सो मामले में माननीय न्यायालय हाथरस ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए बाल अपचारी संजय को पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 14,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं अभियुक्त अशोक कुमार, सचिन कुमार और कु0 यशिता को एक-एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 2,500-2,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। पुलिस के अनुसार 20 मार्च 2021 को वादिया ने थाना सिकंदराराऊ पर तहरीर देकर बताया था कि 19 मार्च को उसकी पुत्री को उसकी सहेली यशिता कोचिंग जाने की बात कहकर अपने साथ ले गई थी। शाम तक पुत्री के वापस नहीं आने पर जब कोचिंग में जानकारी की गई तो पता चला कि वह वहां पहुंची ही नहीं थी। बाद में पुत्री घर वापस आई और उसने घटना की जानकारी दी। तहरीर के आधार पर थाना सिकंदराराऊ में मुकदमा अपराध संख्या 104/2021 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए बाल अपचारी संजय पुत्र नेत्रपाल सिंह, अशोक कुमार पुत्र स्व. महेंद्र सिंह, सचिन कुमार पुत्र विजयपाल सिंह तथा यशिता पुत्री अवनीत मौर्य के विरुद्ध विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी कर 11 जून 2021 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना तत्परता और गुणवत्ता के साथ पूरी की गई तथा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद अभियोग की न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। शासन के दिशा-निर्देशों एवं पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में चिन्हित अभियोगों की प्राथमिकता के आधार पर मॉनीटरिंग सेल जनपद हाथरस द्वारा लगातार निगरानी की गई। न्यायालय में विचारण के दौरान मॉनीटरिंग सेल एवं अभियोजन शाखा द्वारा प्रभावी पैरवी किए जाने के परिणामस्वरूप 5 सितंबर को न्यायालय हाथरस ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” का उद्देश्य गंभीर एवं महिला संबंधी अपराधों में दोषी अभियुक्तों को न्यायालय के माध्यम से अधिकतम और त्वरित दंड दिलाना है। इसी क्रम में अभियोगों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, समय से आरोप पत्र दाखिल करने तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।









