सासनी 04 सितम्बर। आर्य समाज, तत्वावधान में स्थानीय दयानंद बाल मंदिर विद्यालय परिसर में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व वैदिक परंपरा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार अग्निहोत्र एवं हवन-यज्ञ से हुआ। हवन-यज्ञ का आयोजन आर्य समाज सासनी के मंत्री वेद प्रकाश भार्गव ने कराया। शास्त्रीय विधि से यज्ञ वेदी स्थापित कर मुख्य यजमान एवं श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र तथा वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के साथ विश्व कल्याण और पर्यावरण शुद्धि के लिए अग्नि में आहुतियां अर्पित कीं।
हवन के उपरांत सत्संग का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता एवं श्री दयानंद शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ. अमित भार्गव ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, श्रीमद्भगवद्गीता के अमर संदेश और उनके महापुरुषीय स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल धार्मिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि धर्म, नीति, कर्मयोग और समाज सुधार के प्रतीक थे। आर्य समाज में जन्माष्टमी का पर्व श्रीकृष्ण के इन्हीं महान आदर्शों को स्मरण करने और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए आर्य समाज, सासनी के प्रधान नरेश चंद्र वार्ष्णेय ने पर्यावरण यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन और विशेष अवसरों पर किए जाने वाले यज्ञों से वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ समाज में श्रेष्ठ एवं उदात्त संस्कारों का भी बीजारोपण होता है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज सदैव अंधविश्वासों को दूर कर तार्किक एवं वैदिक विचारधारा के प्रसार के लिए संकल्पित है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया इस अवसर पर विद्याभूषण गर्ग, जगदीश प्रसाद शर्मा, श्याम वार्ष्णेय, निर्मल कुमार वार्ष्णेय, योगेश त्रिवेदी, योगेश वार्ष्णेय, बनवारी लाल वर्मा, अमन भार्गव, प्रधानाध्यापिका अर्चना शर्मा, ऊषा गुप्ता, साक्षी वर्मा, पूनम कुमारी, संध्या दयाल, काशी, रिया गुप्ता सहित आर्य समाज के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।













