
हाथरस 03 सितम्बर। बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हाथरस के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र में प्रख्यात विश्वविद्यालयों से आए कम्प्यूटर एवं मशीन लर्निंग के विशेषज्ञ प्रोफेसरों ने शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कम्प्यूटेशनल थिंकिंग विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या-समाधान, विश्लेषणात्मक क्षमता और रचनात्मकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान कक्षा-कक्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक बेहतर और प्रभावशाली बनाने में एआई की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। शिक्षकों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक का उचित उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को नई दिशा दे सकता है।
प्रशिक्षण का प्रमुख विषय “एआई का नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग” रहा। इस दौरान शिक्षकों को एआई के सुरक्षित, सार्थक और जिम्मेदार प्रयोग के साथ-साथ तथ्य जांच, मौलिकता एवं डिजिटल जिम्मेदारी के महत्व से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने एआई के इस्तेमाल के दौरान जानकारी की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों में तकनीक के जिम्मेदार उपयोग की आदत विकसित करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम ने हाथरस के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने नई तकनीकों को समझने, विशेषज्ञों से संवाद करने तथा अपने शिक्षण कार्य में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई को प्रभावी ढंग से शामिल करने के तरीकों को जाना। प्रशिक्षण सत्र को शिक्षकों के लिए आधुनिक शिक्षा प्रणाली और तकनीकी बदलावों से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।













