
हाथरस 01 सितम्बर। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में सफर अब पूरी तरह निशुल्क कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद सोमवार से पात्र बुजुर्ग महिलाएं उम्र की पुष्टि के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाकर रोडवेज की साधारण श्रेणी की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। सरकार के फैसले से बुजुर्ग महिलाओं में खुशी का माहौल है। इस सुविधा का लाभ मिलने के बाद बुजुर्ग महिलाएं अलीगढ़ से हाथरस, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, नोएडा, दिल्ली, एटा और कासगंज समेत विभिन्न मार्गों पर निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। धार्मिक स्थलों की यात्रा, रिश्तेदारों से मिलने तथा सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करने वाली महिलाओं को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा के अनुसार, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं रोडवेज की साधारण श्रेणी की किसी भी बस में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। पात्रता का निर्धारण आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर किया जाएगा। यानी यात्रा के दौरान महिलाओं को अपनी उम्र की पुष्टि के लिए इनमें से कोई पहचान पत्र साथ रखना होगा।
किराए की बचत से दवा और जरूरी सामान पर खर्च कर सकेंगी महिलाएं
सरकार की इस योजना को बुजुर्ग महिलाओं के लिए आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ दवाइयों और घरेलू जरूरतों पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रा का किराया बचने से उस रकम का इस्तेमाल अन्य जरूरी कामों में किया जा सकेगा। गीता देवी ने सरकार के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के बाद पैसों की जरूरत ज्यादा होती है। अब बस का किराया नहीं देना पड़ेगा तो बची रकम दवा और घर की दूसरी जरूरतों में खर्च की जा सकेगी। वहीं मैनावती ने कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि 60 वर्ष की उम्र के बाद ऐसा लाभ मिलेगा। आधार कार्ड दिखाकर यात्रा की सुविधा बुजुर्ग महिलाओं के लिए काफी मददगार है।
मंदिर और रिश्तेदारों से मिलने जाने में मिलेगी सहूलियत
बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि किराए की चिंता कम होने से अब वे अपनी सुविधानुसार मंदिरों में दर्शन करने और रिश्तेदारों से मिलने के लिए यात्रा कर सकेंगी। महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले के लिए आभार जताया और इसे बुजुर्ग महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार की इस सुविधा से न केवल बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक बचत होगी, बल्कि उन्हें सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से विभिन्न शहरों तक आसानी से पहुंचने का अवसर भी मिलेगा। अब देखना होगा कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक कितनी सुगमता से पहुंचता है और बसों में पहचान पत्र के सत्यापन की प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है।











