
पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी सिकन्द्राराऊ के नेतृत्व में थाना सिकन्द्राराऊ साइबर क्राइम पुलिस टीम ने दोनों मामलों में तेजी से कार्रवाई शुरू की। टीम ने NCRP पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर बैंक खातों से ट्रांसफर की गई धनराशि का विवरण प्राप्त किया और संबंधित लाभार्थी बैंक खाते को तत्काल डेबिट फ्रीज कराया। इस कार्रवाई के माध्यम से ठगी की रकम को सुरक्षित कराया गया और पुलिस टीम ने संबंधित बैंकिंग प्रक्रिया के तहत धनराशि वापस कराने के लिए लगातार प्रयास किए।
थाना सिकन्द्राराऊ साइबर क्राइम टीम की सक्रियता एवं सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप 01 सितंबर 2026 को दोनों पीड़ितों की ठगी गई कुल 90 हजार रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि उनके बैंक खातों में वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने के बाद विनय कुमार और प्रशान्त वर्मा ने प्रसन्नता जाहिर की और थाना सिकन्द्राराऊ पहुंचकर हाथरस पुलिस का धन्यवाद किया। पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस टीम की कार्यशैली एवं त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। थाना साइबर क्राइम, हाथरस ने आमजन को साइबर ठगी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना बैंक खाता नंबर, पिन, ओटीपी, सीवीवी नंबर अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, ताकि ठगी की रकम को समय रहते सुरक्षित कराकर वापस दिलाने की कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई में थाना सिकन्द्राराऊ के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार शर्मा मय साइबर क्राइम पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














