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हाथरस 01 सितम्बर। शहर में लागू नो-एंट्री व्यवस्था के विरोध में गुड्स ट्रांसपोर्टर एवं व्यापारियों ने मंगलवार, एक सितंबर को घास मंडी पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर एवं व्यापारी एकत्रित हुए और नो-एंट्री को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। विरोध स्वरूप ट्रांसपोर्टरों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों के शटर भी बंद रखे। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि नो-एंट्री व्यवस्था के कारण बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश नहीं कर पाने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और इसका सीधा असर दवा एवं परचून कारोबारियों के साथ-साथ मजदूरों पर भी पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मुंबई और अहमदाबाद सहित विभिन्न शहरों से दवाओं एवं अन्य आवश्यक सामान लेकर आने वाली गाड़ियां नो-एंट्री के कारण शहर में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इसके चलते दवा व्यापारियों को समय पर माल की डिलीवरी नहीं मिल पा रही है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हुई तो शहर में परचून, दवा एवं खाद्य पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही माल की लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े लेवर वर्ग को भी काम नहीं मिल पा रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से मांग की कि समय रहते नो-एंट्री व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, ताकि ट्रांसपोर्ट एवं व्यापार से जुड़े लोगों को अपना कारोबार सुचारु रूप से संचालित करने में सुविधा मिल सके और शहर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी निर्बाध बनी रहे। प्रदर्शन के दौरान ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन में अध्यक्ष नवजोत शर्मा, अमित बंसल, सुमित बंसल, पुष्पेंद्र राम राठौर, प्रदीप सारस्वत, राजू बाबा, विष्णु शर्मा, राहुल गुप्ता, नीतेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर एवं व्यापारी मौजूद रहे।

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