
हाथरस 30 अगस्त। बागला जिला संयुक्त चिकित्सालय में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित के औचक निरीक्षण में इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान आयुष्मान केंद्र पर एंटी रैबीज यानी कुत्ता काटने के मरीजों के कार्ड से 1700 रुपये काटे जाने का मामला सामने आया। वहीं अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन खराब मिली। ईएनटी विभाग की ओपीडी में डॉक्टर के स्थान पर फार्मासिस्ट मरीजों को देखते मिले, जबकि वरिष्ठ नागरिक सामान्य कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। सीडीओ पीएन दीक्षित ने बताया कि आयुष्मान केंद्र पर एंटी रैबीज के मरीजों के कार्ड से 1700 रुपये काटे जाने की जानकारी मिली है। इसमें से 219 रुपये निजी संस्था को दिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि एंटी रैबीज के मरीजों को सामान्य तौर पर भर्ती नहीं किया जाता है। निरीक्षण के दौरान आयुष्मान केंद्र के कर्मचारी पिछले दो महीने का ब्योरा भी आयुष्मान मित्र पोर्टल से उपलब्ध नहीं करा सके। सीडीओ ने इस पूरे मामले की अलग से रिपोर्ट तलब की है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन भी खराब मिली। इस पर सीडीओ ने निर्देश दिए कि सीटी स्कैन की जांच अब केवल डॉक्टर अथवा सीएमएस की मुहर और हस्ताक्षर वाली पर्ची के आधार पर ही की जाए। इससे बिना अधिकृत चिकित्सकीय सलाह के सीटी स्कैन कराने की स्थिति पर रोक लगाई जा सकेगी। स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए सीडीओ ने बाल रोग ओपीडी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान 62 मरीजों को देखा गया, जिनमें अधिकांश मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित बताए गए। सीडीओ ने अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
अस्पताल परिसर में संचालित होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक विभागों के बरामदों में भी अव्यवस्था मिली। यहां गंदगी के साथ दवाओं के कार्टन अस्त-व्यस्त पड़े हुए थे और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा परिसर को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को लेकर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही न बरतने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।













