
सिकन्दराराऊ 28 अगस्त । जनपद के कस्बा हसायन में गडोला रोड स्थित एसके अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि सेंटर पर निर्धारित योग्य चिकित्सक की मौजूदगी के बिना कथित रूप से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि जिस समय रिकॉर्डिंग की गई, उस दौरान सेंटर पर पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं थे। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक एवं स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दस्तावेजों में दर्ज चिकित्सक की योग्यता को लेकर भी सवाल
मामले में सामने आए कथित अल्ट्रासाउंड फॉर्म को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फॉर्म पर हरेंद्र कुमार अत्रि के नाम के साथ एमबीबीएस और एमएस जैसी चिकित्सकीय योग्यताएं दर्ज हैं। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित चिकित्सक सेंटर पर किस समय और कितनी अवधि तक उपलब्ध रहते हैं तथा उनकी अनुपस्थिति में अल्ट्रासाउंड जांच की प्रक्रिया कौन संचालित करता है। इसके अलावा सेंटर के संचालन, निर्धारित मानकों के अनुपालन और चिकित्सक के पंजीकरण को लेकर भी विभिन्न दावे सामने आए हैं। इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग
अल्ट्रासाउंड जैसी संवेदनशील चिकित्सा जांच में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग मामले का संज्ञान लेते हुए सेंटर की जांच करे। जांच के दौरान सेंटर के पंजीकरण, चिकित्सक की उपलब्धता, मशीन संचालन, स्टाफ की योग्यता और अल्ट्रासाउंड जांच की प्रक्रिया का सत्यापन किया जाना जरूरी माना जा रहा है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आधिकारिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल वायरल वीडियो और सामने बताए जा रहे दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की भूमिका और सेंटर पर अल्ट्रासाउंड संचालन से जुड़े आरोपों को अभी पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर एस.के. अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करेगा? क्या सेंटर के पंजीकरण और चिकित्सक की उपलब्धता समेत अन्य मानकों का सत्यापन किया जाएगा? आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।













