अलीगढ़ 25 अगस्त। वर्ष 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ओम प्रकाश आर्य ने 25 अगस्त को अलीगढ़ मंडल के नवागत कमिश्नर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कमिश्नरी सभागार में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और मंडल के विकास की कार्ययोजना साझा की। ओम प्रकाश आर्य उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद में करीब छह वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दो जिलों में जिलाधिकारी और दो अन्य जिलों में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाई है। वह लखनऊ, मेरठ, नोएडा और मथुरा में भी विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। नवागत कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनका प्रत्यक्ष और स्थायी लाभ आमजन तक पहुंचाना है। इसके लिए अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टीम भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।
कमिश्नर ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि शासन की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। विकास एवं निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी गुणवत्ता के साथ कराए जाएंगे तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास परियोजनाओं को समय से पूरा कराने पर जोर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही मिलने पर पहले संबंधित अधिकारी को सुधार का अवसर और चेतावनी दी जाएगी, लेकिन सुधार नहीं होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान अलीगढ़ में पर्यटन विकास, रोजगार की संभावनाओं, जलभराव की समस्या और यातायात व्यवस्था जैसे प्रमुख मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही राजस्व परिषद के निर्णयों के अनुपालन, विकास परियोजनाओं के वास्तविक लाभ, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी जानकारी ली गई। कमिश्नर ने क्वार्सी रजवाहे को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में भी जानकारी लेते हुए संकेत दिया कि जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और इसे गति देने के लिए पूरी प्रशासनिक टीम को सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।












