
हाथरस 21 अगस्त। ब्रज कला केंद्र की ओर से आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन के सभागार में पावस ऋतु गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी, ब्राह्मण महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता ऋषि कौशिक को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि श्याम बाबू चिंतन ने की, जबकि संचालन चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने किया। गोष्ठी में कवियों और साहित्यकारों ने सावन तथा ब्रज की प्राचीन परंपराओं पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। आशु कवि अनिल बौहरे ने ब्रज भाषा में सावन की परंपराओं को लेकर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि सावन के महीने में प्राचीन ब्रज परंपराओं को अपनाने और उन्हें जीवंत रखने की आवश्यकता है। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से सावन के बदलते स्वरूप पर भी व्यंग्य किया। जीवनलाल शर्मा ने ऋषि कौशिक के सम्मान को लेकर कहा कि उनका सामाजिक योगदान सराहनीय है। चौधरी जयवीर सिंह, हैमेन्द्र शर्मा और अविनाश पचौरी ने कहा कि ऋषि कौशिक जैसे समाजसेवियों को समाज में सम्मान मिलना गौरव की बात है। मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऋषि कौशिक ने सदैव लगन और मेहनत के साथ सामाजिक कार्यों में योगदान दिया है। आशु कवि अनिल बौहरे ने सावन और भगवान शिव की भक्ति को लेकर भी काव्य पाठ किया। वहीं कार्यक्रम संचालक चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने सावन की उमंग, कांवड़ यात्रा और शिव आराधना को अपनी कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में हरीशंकर वर्मा, हीरालाल, मनी नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में ऋषि कौशिक ने सम्मान के लिए उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।













