हाथरस 21 अगस्त। मोबाइल अचानक हैंग हो जाए, स्क्रीन ब्लैक हो जाए या फोन बार-बार अपने आप बंद होने लगे तो इसे महज तकनीकी खराबी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। साइबर ठग संदिग्ध लिंक, वेबसाइट और थर्ड पार्टी एप के जरिए मोबाइल में मैलवेयर पहुंचाकर बैंकिंग और यूपीआई से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हाथरस में सामने आए दो मामलों में मोबाइल में अचानक गड़बड़ी के बाद पीड़ितों को बैंक खातों से रुपये निकलने की जानकारी मिली। रश्मि सिंह के मोबाइल में 15 जुलाई को अचानक बार-बार ऑन-ऑफ होने की समस्या आने लगी। उन्होंने इसे फोन हैंग होने की सामान्य समस्या समझा, लेकिन करीब एक घंटे बाद खाते से 80 हजार रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। मामले की जांच में साइबर सेल को मोबाइल में वायरस मिलने की जानकारी सामने आई। वहीं, अलीगढ़ रोड क्षेत्र में चार जुलाई को एक मैनेजर का मोबाइल अचानक ब्लैक हो गया। काफी प्रयास के बाद भी फोन सामान्य नहीं हुआ। बाद में सिम बदलकर खाते की जानकारी लेने पर 13 हजार रुपये निकलने का पता चला। मामले की जांच साइबर टीम कर रही है। साइबर सेल के अनुसार ठग अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट या थर्ड पार्टी एप के माध्यम से मोबाइल में मैलवेयर पहुंचाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद फोन में असामान्य गतिविधियां दिखाई दे सकती हैं और मोबाइल के साथ उसमें मौजूद बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में मोबाइल में अचानक असामान्य गड़बड़ी आने पर बैंकिंग और यूपीआई से जुड़े खातों की तत्काल जांच करनी चाहिए तथा अनजान लिंक और संदिग्ध एप से बचना चाहिए।














