Hamara Hathras

Latest News

मथुरा 17 अगस्त। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में छात्र-छात्राओं के बीच प्रेम, सौहार्द्र एवं पारिवारिक वातावरण बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सावन के रंग, हरियाली के संग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बेहतरीन हुनर, पारम्परिक कला और सांस्कृतिक भावना का परिचय दिया। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) हिमांशु चोपड़ा ने विजेता-उपविजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में “सावन के रंग, हरियाली के संग- परम्परा, संस्कृति और रचनात्मकता का उत्सव” थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अलग-अलग शैक्षणिक वर्ष के छात्र-छात्राओं ने इन कार्यक्रमों में जहां बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया वहीं अपने बेहतरीन हुनर, पारम्परिक कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से सभी का दिल जीत लिया। अंत में  कॉलेज प्रशासन के निर्णायकों ने मुख्य प्रतिस्पर्धी श्रेणियों के आधिकारिक नतीजों की घोषणा की।

तीज मेहंदी उत्सव में पहला स्थान खुशी सिंह (बी.फार्मा चौथा वर्ष), दूसरा स्थान भावना (डी.फार्मा दूसरा वर्ष) तथा तीसरा स्थान गार्गी गौतम (बी.फार्मा दूसरा वर्ष) और धीरज (बी.फार्मा चौथा वर्ष) को मिला। इसी तरह रंग-ए-सावन: पारम्परिक परिधान प्रतियोगिता में योगिता सिंह और हर्ष बंसल (बी.फार्मा तीसरा वर्ष) ने पहला, गार्गी गौतम (बी.फार्मा दूसरा वर्ष) और गुलशन कुमार (डी.फार्मा दूसरा वर्ष) ने दूसरा तथा शिवानी सैनी और कृतज्ञ (बी.फार्मा दूसरा वर्ष) की जोड़ी ने तीसरा स्थान हासिल किया। सावन क्ले आर्ट प्रतियोगिता में धीरज (बी.फार्मा चौथा वर्ष) को पहला, योगिता सिंह (बी.फार्मा तीसरा वर्ष) को दूसरा तथा अंजू और प्रियंका (डी.फार्मा दूसरा वर्ष) और नीलम और सोनिया (डी.फार्मा दूसरा वर्ष) को तीसरा स्थान मिला। प्रतियोगिता शिक्षकों मनु शर्मा, कुलदीप सिंह और लक्ष्मीकांत की देखरेख में हुई। खुशी सिंह, गार्गी गौतम, शिवानी सैनी और गुलशन कुमार ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे उन्हें ऐसी सीख मिली, जोकि जीवनभर काम आएगी। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) हिमांशु चोपड़ा ने छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और रचनात्मकता की सराहना करने के साथ ही शिक्षकों के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। प्रो. चोपड़ा ने कहा कि फार्मेसी जैसे तकनीकी अध्ययन क्षेत्र में होने के बावजूद छात्र-छात्राओं ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं और कला से अपने बहुमुखी प्रतिभाशाली होने का प्रमाण दिया है। ‘सावन के रंग, हरियाली के संग’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण सक्रिय सहभागिता और सीखने का जज्बा होता है।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल जीवन को खुशनुमा बनाते हैं बल्कि छात्र-छात्राओं में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और समझ को बढ़ावा देते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संस्थान के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में विजेता-उपविजेता होने से अधिक जरूरी प्रतिभागिता करना होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page